मेरे बारे में हवाओं से वो कब पूछेगा

अपना गम सबको बताना है तमाशा करना, हाल-ऐ- दिल उसको सुनाएँगे वो जब पूछेगा ...

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बशीर बद्र

मेरे बारे में हवाओं से वो कब पूछेगा
खाक जब खाक में मिल जाऐगी तब पूछेगा

घर बसाने में ये खतरा है कि घर का मालिक
रात में देर से आने का सबब पूछेगा

अपना गम सबको बताना है तमाशा करना,
हाल-ऐ- दिल उसको सुनाएँगे वो जब पूछेगा

जब बिछडना भी तो हँसते हुए जाना वरना,
हर कोई रुठ जाने का सबब पूछेगा

हमने लफजों के जहाँ दाम लगे बेच दिया,
शेर पूछेगा हमें अब न अदब पूछेगा

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