नव-वर्ष

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साथी, नया वर्ष आया है

साथी, नया वर्ष आया है! वर्ष पुराना, ले, अब जाता, कुछ प्रसन्न सा, कुछ पछताता दे जी भर आशीष, बहुत ही इससे तूने दुख पाया है! साथी, नया वर्ष आया है! उठ इसका स्वागत करने को, स्नेह बाहुओं में भरने को, नए साल के लिए, देख, यह नई वेदनाएँ लाया है! साथी, नया वर्ष आया है! उठ, ओ पीड़ा के मतवाले! ले ये तीक्ष्ण-तिक्त-कटु प्याले, ऐसे ही प्यालों का गुण तो तूने जीवन भर गाया है! साथी, नया वर्ष आया है!

आओ, नूतन वर्ष मना लें

आओ, नूतन वर्ष मना लें! गृह-विहीन बन वन-प्रयास का तप्त आँसुओं, तप्त श्वास का, एक और युग बीत रहा है, आओ इस पर हर्ष मना लें! आओ, नूतन वर्ष मना लें! उठो, मिटा दें आशाओं को, दबी छिपी अभिलाषाओं को, आओ, निर्ममता से उर में यह अंतिम संघर्ष मना लें! आओ, नूतन वर्ष मना लें! हुई बहुत दिन खेल मिचौनी, बात यही थी निश्चित होनी, आओ, सदा दुखी रहने का जीवन में आदर्श बना लें! आओ, नूतन वर्ष मना लें!

Dr ashwaghosh 275x153.jpg

नए साल में

नए साल में प्यार लिखा है तुम भी लिखना प्यार प्रकृति का शिल्प काव्यमय ढाई आखर प्यार सृष्टि पयार्य सभी हम उसके चाकर प्यार शब्द की मयार्दा हित बिना मोल, मीरा-सी-बिकना प्यार समय का कल्प मदिर-सा लोक व्याकरण प्यार सहज संभाव्य दृष्टि का मौन आचरण प्यार अमल है ताल कमल-सी,  उसमें दिखना।

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नव वर्ष

वर्ष नव, हर्ष नव, जीवन उत्कर्ष नव। नव उमंग, नव तरंग, जीवन का नव प्रसंग। नवल चाह, नवल राह, जीवन का नव प्रवाह। गीत नवल, प्रीत नवल, जीवन की रीति नवल, जीवन की नीति नवल, जीवन की जीत नवल!

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